कोरोनावायरस का डेल्टा वेरिएंट Covide Delta plus variant
covide-19 Delta plus varient कोरोनावायरस डेल्टा प्लस वेरिएंट क्या है ?
कोरोनावायरस का डेल्टा वेरिएंट Delta plus variant
A mutant variant of SARS-Cov-2, B.1.617.2, is
now named the delta variant.
कोरोना वायरस लगातार स्वयं को म्यूट कर रहा है अर्थात वह परिवर्तित होता जा रहा है और एक
नए फॉर्म में बदल जाता है वर्तमान में जो कोरोनावायरस मिला है बी.1.617.2 इस वेरेंट को ही कोरोना का डेल्टा वेरिएंट कहा गया है। डेल्टा वेरिएंट के परिवर्तित रूप को डाटा प्लस या के AY.1.कहां जाता है।
डेल्टा संस्करण (बी.1.617.2) के कारण सबसे पहले प्रलेखित COVID-19 मामला पहली बार
अक्टूबर 2020 में भारतीय राज्य महाराष्ट्र में पाया गया था, और तब से यह पूरे
भारत और दुनिया भर में व्यापक रूप से फैल गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन
(डब्ल्यूएचओ) ने 11 मई को इसे "चिंता का प्रकार" (वीओसी) करार दिया।
The WHO has already applied the “variant of concern”
डेल्टा वेरिएंट दुनिया के कई देशों में पाया जाता है
वर्तमान में यह ब्रिटेन ,अफ्रीका और ब्राजील और 90 से अधिक देशो में देखा गया है
डेल्टा वेरिएंट की स्पाइक मैं k417n म्यूटेशन जुड़ जाने के कारण से भी डेल्टा प्लस डेल्टा वेरिएंट कहा जाता है. डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह अभी तक का 'सबसे तेज और सबसे फिट' संस्करण या वेरिएंट है। डेल्टा वैरिएंट
अल्फा वैरिएंट की तुलना में 50-60
प्रतिशत अधिक ट्रांसमिसिबल है जो कि
कोविड-19 के मूल स्ट्रेन की तुलना में 50-60 प्रतिशत अधिक ट्रांसमिसेबल था। यही कारण
है कि भारत की दूसरी लहर के दौरान पूरे समुदाय एक साथ संक्रमित हुए थे। भारत में
टीकाकरण दर के अलावा नए वेरिएंट का धीमा अध्ययन भी चिंता का विषय है।
डेल्टा प्लस वेरिएंट भारत में भी अपने पैर पसारने
लगा है मध्य प्रदेश केरल पंजाब तमिलनाडु आंध्रप्रदेश कर्नाटक और अन्य राज्यों में
अभी तक 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
![]() |
| covid 19 varients |
कितना घातक है डेल्टा प्लस वेरिएंट
कोरोना वायरस की दूसरी के बाद तीसरी लहर आने की सम्भावना जताई जा रही है , उसका प्रमुख कारण कोरोना का डेल्टा प्लस वेरिएंट है जो , पिछले वेरिएंट की तुलना में 60 प्रतिशत अधिक प्रभावशाली और घातक है। कोरोना का यह रूप बहुत तेजी से फैलता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह अभी तक का 'सबसे तेज और सबसे फिट' संस्करण या वेरिएंट है। डेल्टा वैरिएंट अल्फा वैरिएंट की तुलना में 50-60 प्रतिशत अधिक ट्रांसमिसिबल है जो कि कोविड-19 के मूल स्ट्रेन की तुलना में 50-60 प्रतिशत अधिक ट्रांसमिसेबल था। यही कारण है कि भारत की दूसरी लहर के दौरान पूरे समुदाय एक साथ संक्रमित हुए थे। भारत में टीकाकरण दर के अलावा नए वेरिएंट का धीमा अध्ययन भी चिंता का विषय है।
![]() |
| covide -19 |
Do the vaccines
protect us from the delta variant? वेक्सीन कोरोना के डेल्टा
वेरिएंट पर प्रभावशाली है या उसको रोक सकती है
ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन एक खुराक के बाद
अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ 94 प्रतिशत और दो खुराक के बाद अस्पताल में
भर्ती होने के खिलाफ 96 प्रतिशत प्रभावी था। AstraZeneca (कोविशील्ड भारतीय नाम
) एक खुराक के बाद 71%
और दो के बाद 92% प्रभावी थी।
Delta plus variant
symptoms कोरोना डेल्टा प्लस वेरिएंट के लक्षण
· . 1. बुखार, सूखी खांसी और थकान महसूस करना। .
1. Fever, dry cough and feeling tired
· 2. सांस फूलना और सांस लेने में तकलीफ होना।
2. Shortness of breath and shortness of breath
· 3.इसके अलावा, त्वचा पर चकत्ते। skin rash
· 4.पैर की उंगलियों का मलिनकिरण या रंग बदलना।
· 5.सामान्य लक्षण गले में खराश।
Common symptoms sore throat
· 6. स्वाद और गंध ,सीने में दर्द।
Taste and smell, chest pain
· 7.सिरदर्द और दस्त की
समस्या।
Headache and diarrhea problem
coronavirus prevention or What you can do to
prodect yourself from delta plus variant as per experts
कोरोनावायरस की रोकथाम: विशेषज्ञों के
अनुसार, डेल्टा प्लस संस्करण से खुद को बचाने के लिए आप क्या कर सकते हैं?
1.घर पर रहें या अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें।
Stay at home or go out only when absolutely necessary
2. टीकाकरण को हर कीमत पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
Vaccination should be given priority at all costs
3.घर से बाहर निकलते समय डबल मास्क पहनें।
Wear a double mask when leaving the house
4.घर से बाहर निकलते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
करें।
Follow social distancing while leaving the house.
5. जब भी आप बाहर से घर आएं तो अपने हाथों को करीब 20 सेकेंड तक अच्छी बहुत तरह से धोएं।.
Whenever you come home from outside, wash your hands thoroughly for about 20
seconds.
6.सामूहिक कार्यक्रम और भीड़ वाले
स्थान पर जाने से बचे।
Avoid going to mass events and crowded की places
7. बाजार से सामान लाने के बाद उसको डिसइंफेक्ट करे।
Disinfect the goods after taking them from the market
कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट से बचने के लिए सावधानी और वैक्सिन लगावना बहुत जरुरी है , वैक्सीन आपके शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र या immune system improve करने का काम करेगी। भारत में सरकार द्वारा सभी नागरिको को सभी निःशुक्ल वैक्सीन लगाई जा रही है , भारत में पहले से सीरम इंस्टिट्यूट की कोवीशील्ड , भारत बायोटेक कोवैक्सीन और रूस की स्पूतनिक-वी वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है. 29 जून 2021 को अमेरिकी फार्मास्युटिकल प्रमुख मॉडर्न की एमआरएनए प्रौद्योगिकी-आधारित कोरोनावायरस (कोविड -19) वैक्सीन के आयात को मंजूरी दी ,गई , जिससे देश में संक्रामक रोग के खिलाफ पहले अंतरराष्ट्रीय टीके के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसके आलावा DRDO द्वारा निर्मित 2-DG दवाई को भी आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी गयी थी , यह एक प्रकार का पावडर है जिसको पानी में घोल कर दिया जाता है।
वैक्सीन लगाने से पहले क्या करे What to do before getting the vaccine
यदि आपको कोरोना हुआ है , तो आपको डॉक्टर से पूछ कर या अपना इम्युनिटी टेस्ट कराने के बाद वैक्सीन लगाने की सलाह दी जाती है , क्यों की कोविड मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो जाती है पूरी तरह ठीक होने के बाद ही आपको वैक्सीन लगाने की सलाह दी जाती है।
यदि आप शुगर ,ब्लड प्रेशर , या अन्य बीमारी से ग्रषित है तो , वैक्सीन लगाने से पहले आपको शुगर और ब्लड प्रेशर की जाँच के बाद ही वैक्सीन लगाने की सलाह दी जाती है।
वैक्सीन लगाने से पहले नास्ता या भोजन कर के ही वैक्सीन लगवाए , खाली पेट वैक्सीन नहीं लगवाए।


No comments